शुक्रवार, 27 अक्तूबर 2017

आयुर्वेद विज्ञान एक वरदान, गुणकारी औषधि संदपुष्पा (सदासुहागीन)


आधुनिक समझी जाने वाली बेतुकी जीवन शैली ने इन दिनों जिन स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दिया है, उनसे शायद ही कोई व्यक्ति बचने में समर्थ रह पाया हो। आधुनिक चिकित्सा पद्धति भी इन समस्याओं के पूर्ण निदान की बजाय सिर्फ दबाने में ही सफल हो पाती है। ऐसी स्थिति में समस्याएं बाद में और भी विकराल रूप में उभर उठती है। संभवतः यही कारण है कि अब लोग फिर से प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद की ओर मुड़ रहे है। आज हम ऐसे आयुर्वेदिक गुणकारी औषधि पौधे के बारे में जानेंगे जो हमारे आसपास हि मौजूद है।

गुणकारी आयुर्वेदिक औषधि सदंपुष्पा (सदासुहागीन)
सदासुहागीन नाम से प्रचलित संदपुष्पा गुणकारी औषधि के साथ सुंदर दिखने वाला पुष्प भी है, सभी घरों में आजकल यह पौधा गमलो तथा आंगन के क्यारियो में लगें मिल जायेंगे। साधारण सा दिखने वाला यह आयुर्वेदिक औषधि अनेक भयावह रोगों में लाभदायक हैं, भारत के अलग अलग राज्यों में इसकी खेती औषधीय उपयोग के लिए की जाती हैं। सदासुहागीन पौधा के पत्ते तथा जड़ो से औषधि का निर्माण करते है।

वैज्ञानिक नाम व पहचान
साधारण नाम सदंपुष्पा, सदाबहार, प्रचलित नाम  सदासुहागिन, वैज्ञानिक नाम (लोचनेरा रोसिया) कुल नाम (अपोसाईनासिया) पहचान - वर्षायु या बहुवर्षायु क्षुप, एक से तीन फिट उचाई, पत्र अंडाकार, पुष्प गुलाबी व सफेद, फल बेलनाकार। आयुर्वेदिय गुण- लघु रुक्ष, रस - तिक्त कषाय, विपाक - कटु, वीर्य - उष्ण।

रासायनिक संघटन तथा जानकारी
संदपुष्पा पौधे के पंचांग विशेषत : मूल में अनेक क्षाराभ पाये जाते हैं, जैसे अजमालिसिया, सरपेंटिन, रेसर्पिन, लोचनेरियन, लोचनेरिसियन, विरोसाईन, विंडोलाईन। इसके अतिरिक्त मूलत्वक में फेनोलिक राल, डी कैम्फोर (0.03) होता है।
पत्र मे एक तैलीय राल, एक उडनशील तैल, दो अल्कोहल, दो ग्लाइकोसाइड, टैनिन, करोटिनायड, स्टिराल, उरसोलिक एसिड होता हैं। गुलाबी रंग के पुष्पों में एक एंथोसायनिन भी होता है।

सदासुहागीन के औषधिय लाभ
कैंसर - प्रमुखत : कैंसर में इस औषधि का उपयोग किया जाता हैं। वातकफ : वातकफिक रोगों में लाभदायक, वृश्चिक दंश -  इसका लेप बिच्छू के दंशस्थान पर लगाया जाता हैं, जीवाणुनाशक - 10-20 मिली स्वरस का प्रयोग पूयजनक जीवाणुओं को नष्ट करता है, प्रवाहिका - बहुत कोशिश करने पर जब थोडी मात्रा में कफयुक्त मल का त्याग हो तो पत्तियों को पीसकर इसका कल्क बनाकर 10 ग्राम रोगी को पिलाते हैं, अन्य- मधुमेह, मलेरिया में भी लाभदायक प्रभावकारी है।

विशेष - सदासुहागीन पौधा आयुर्वेदिक होने के कारण इलाज के दौरान इनका कोई भी बुरा असर नहीं पड़ता, हा लेकिन सुतिका व गर्भवती महिलाओं को उपयोग नहीं करना चाहिए।

लेख - दीपिका लहरी चंदखुरी फार्म
छात्रा - बीएएमएस आयुर्वेद स्नातक अध्ययनरत
छत्तीसगढ़ आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज राजनांदगाँव




स्वच्छता पखवाड़ा में सफाई अभियान जारी


रायपुर : माता कौशिल्या जन्म भूमि चंदखुरी फार्म में स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत हमर स्वच्छ बंगला ग्रुप के युवाओं ने एक बार फिर स्वच्छता के प्रति जागरूक कार्यक्रम चलाकर सफाई अभियान को जारी रखा। रविवार 08 अक्टूबर सुबह चंदखुरी फार्म बस स्टैंड तथा व्यावसायिक परिसर में वृहद सफाई किया गया, जिसके बाद हाई स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में रोपे गये फलदार छायादार वृक्षों का निरीक्षण किया गया। चंदखुरी फार्म पूर्व में बंगला नाम से प्रचलित था जिसको जीवंत रखने लिए यहाँ के युवाओं ने हमर स्वच्छ बंगला ग्रुप बनाकर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। सफाई कार्यक्रम अगले सप्ताह भी जारी रहेगा, इस दौरान रामसनेही वर्मा, कृष्णा वर्मा समाजिक कार्यकर्ता साथ में महेश्वर वर्मा, हेमंत वर्मा, पंकज दुबे, लव वर्मा, अनिल वर्मा, खिलेश्वर वर्मा, कुबेर वर्मा, पुरूषोत्तम वर्मा, देव हीरा लहरी उपस्थित थे।

फोटो कवरेज - देव हीरा लहरी चंदखुरी फार्म रायपुर 








मीडिया रिपोर्ट दैनिक समाचार पत्र रायपुर 



गांधी जयंती पर चला स्वच्छता अभियान


चंदखुरी : राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जयंती अवसर पर 02 अक्टूबर सोमवार की सुबह हमर स्वच्छ बंगला ग्रुप के युवाओं ने चंदखुरी फार्म व्यावसायिक परिसर के आसपास वृहद सफाई अभियान चलाया। हमर स्वच्छ बंगला ग्रुप लगातार स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करते आ रही हैं, सफाई अभियान समाजिक कार्यकर्ता रामसनेही वर्मा के मार्गदर्शन में ग्रुप के युवाओं ने स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाया, तथा दुकानदार को आसपास सफाई रखने अपील किया। ग्रुप प्रत्येक रविवार को सुबह श्रमदान कर सफाई अभियान को जारी रखेगा। इस दौरान कृष्णा वर्मा, जितेन्द्र साहू, महेश्वर वर्मा, दीपक नायक, अनिल वर्मा, हिमांशु साहू, पुरूषोत्तम वर्मा, पुरन निषाद, खिलेश्वर वर्मा, पंकज दुबे, देवेन्द्र वर्मा, भागवत वर्मा, देव हीरा लहरी  तुलेन्द्र वर्मा, उपस्थित थे।

फोटो कवरेज - देव हीरा लहरी 







मीडिया रिपोर्ट दैनिक समाचार पत्र रायपुर 




सोमवार, 4 सितंबर 2017

अंचल में रही गणेशोत्सव की धूम, हवन आज विसर्जन होगी कल


■ क्षेत्र में दस दिनों तक रही गणेशोत्सव की धूम, जगह जगह विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखरी

चंदखुरी : विश्व प्रसिद्ध कौशिल्या जन्म भूमि चंदखुरी क्षेत्र में दस दिनों से गणेशोत्सव की धूम रहीं, आसपास के गांवो में भगवान गणेश की सुबह शाम विधिवत पूजन के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की लगातार प्रस्तुति हो रहीं थी। बाल संगम गणेशोत्सव नगरपारा मुनगेसर तथा बजरंग गणेशोत्सव चंदखुरी फार्म के साथ क्षेत्र में आज शाम हवन तथा कल सुबह से प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला शुरू हो जायेगा। बाल संगम गणेशोत्सव पंडाल में आज शाम गुंजन वर्मा, मिली, पिहू, चिकू, नवीन के साथ छोटे छोटे बच्चे भारी संख्या में पुजा के लिए एकत्रित हुए थे।

फोटो - बाल संगम गणेशोत्सव नगरपारा मुनगेसर चंदखुरी





मीडिया रिपोर्ट दैनिक समाचार पत्र रायपुर 


शनिवार, 26 अगस्त 2017

सुराजी स्व. अनंतराम बर्छिहा जयंती 28 अगस्त को


चंदखुरी : माता कौशल्या जन्मभूमि चंदखुरी मे जन्मे अंचल के प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री अनंतराम बर्छिहा जी की 127 वीं जयंती 28 अगस्त सोमवार को है। दोपहर दो बजे से अनंतराम बर्छिहा शासकीय हाईस्कूल चंदखुरी फार्म मे जयंती समारोह आयोजित है, जिसमें  विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा। समारोह मे मुख्य अतिथि श्री नवीन मारकंडे विधायक आरंग तथा अध्यक्षता करेगी श्रीमती शारदा देवी वर्मा अध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर। साथ में बर्छिहा जी के परिवार से अरूण बर्छिहा, श्रीमती हेमन्त बर्छिहा तथा विद्यालय के सभी शिक्षक कर्मचारी, चंदखुरी क्षेत्र के जन प्रतिनिधि, ग्रामीण भारी संख्या में उपस्थित रहेंगे।

बर्छिहा जी के आंदोलन सन् 1923 को नागपुर मे झंडा सत्याग्रह से शुरू हुआ इस आंदोलन मे अहम् भूमिका निभाई थी। उसी प्रकार सन् 1930 मे आंदोलन का केन्द्र बना "चंदखुरी" के नाम को पुरा देश जानने लगा, बर्छिहा जी के अगुवाई मे चंदखुरी के लोग असहयोग आंदोलन मे शामिल हुए। इसके अलावा समाज सेवा मे भी कार्य किये है विदेशी वस्तुओं को आग के हवाले किये गाँव गाँव जाके छुआछुत जातपात दहेज विरोधी के लिए लोगों को जागरूक किये।

बुधवार, 16 अगस्त 2017

काईट इंजीनियरिंग कालेज में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहन


■ छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार योगेश अग्रवाल ने किया ध्वजारोहन

चंदखुरी/रायपुर : कृति इंस्टीट्यूट टेक्नालाजी एंड इंजीनियरिंग (काईट) में स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम का आरंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारतमाता की फोटो में माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। शुरुआत में प्राचार्य डाॅ बी सी जैन ने सभी उपस्थित अतिथि, स्टाफ तथा विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दिये। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राईस मिल संघ अध्यक्ष तथा दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता योगेश अग्रवाल ने ध्वजारोहण किया, अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता दिवस को पुनीत एवं पावन अवसर बताते हुय कहा आज आजादी का पर्व है एवं राष्ट्रधर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने गीत कविता नृत्य से सभी का मन मोह लिया। इस दौरान चेयरमेन राजेश अग्रवाल, डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल, जीतेन्द्र नाहर, समीर अग्रवाल, प्रवीण जैन, डा.संज्ञा श्रीवास्तव बी.एड प्राचार्य डा.निधि शुक्ला, केएसबीएम प्राचार्य डा.रूपाली चैधरी, विवेक बघेल, अभिषेक जैन सहित महाविद्यालय के सभी विद्यार्थी, शिक्षक एडमिन स्टाॅफ उपस्थित थे।

फोटो कवरेज 




गुरुवार, 10 अगस्त 2017

छग की पंथी लोक नृत्य दल 14 को गुजरात में देगी प्रस्तुति


■ विश्व प्रसिद्ध उपकार पंथी नृत्य कुटेसर चंदखुरी, कई राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर दे चुके हैं अपनी प्रस्तुति

चंदखुरी : "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के अंतर्गत गुजरात में दो दिवसीय "मानसून उत्सव" के नाम से भव्य सांस्कृतिक आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में देश के अलग अलग राज्यों से प्रतिष्ठित लोक नृत्य दल को आमंत्रित किया है। जिसमें छत्तीसगढ़ से तीन लोक नृत्य दल का चयन हुआ है। 12 को सापूतारा में गेड़ी लोक नृत्य देवगांव नारायणपुर तथा करमा लोक नृत्य सोनपुर खुर्द खपरी अंबिकापुर प्रस्तुति देंगे। 14 अगस्त को बड़ोदरा मे छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उपकार पंथी लोक नृत्य कुटेसर चंदखुरी रायपुर के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। पंथी नृत्य दल प्रमुख दिनेश जांगड़े ने बताया हमारे दल मे 18 कलाकार है और सभी युवा तथा उर्जावान है। उपकार पंथी लोक नृत्य छत्तीसगढ़ के अलावा देश के विभिन्न राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुति दें चुकी है। जांगड़े ने राज्य के कलाकारों को दूसरे राज्य में राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त किया है।