शनिवार, 27 जून 2015

छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना

छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना


छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना
हवय जम्मो झन के कहेना।
अब कोनो जुलुम नई सहेना
जुर मिल के सब ल हे लड़ना।

बहुत होगे तोर जुलुम अऊ शोषण
हमी मन करत हन तोर पालन पोषण।
छत्तीसगढ़ीया मन के जागे के बेरा आगे
अऊ बईरी मन के भागे के बेरा आगे।

चेत जवव तुमन सेना मारत हे हुंकार
३६गढ़ीया क्रांति सेना करत हे ललकार।
बंद करव तुहर मन के ये भ्रष्टाचार
नई ते मच जही जम्मो कोती हाहाकार।

छ.ग.क्रांति सेना के बिगुल बज गे
हमर सेना अऊ सेनापति सज गे।
येकर बारे म जम्मो ल बताना हे
अऊ छत्तीसगढ़ीया ल जगाना हे।

रचना - देव हीरा लहरी
चंदखुरी फार्म रायपुर
छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना
devlahari.blogspot.com