शुक्रवार, 3 जुलाई 2015

मोर गांव कुटेसर


मोर गांव कुटेसर

बड़ सुग्घर हे हमर गांव
चितावर दाई के पाँव।
बर पीपर के हे छाँव
कुटेसर हरय मोर गांव।। 

चंदखुरी बड़गांव जुगेसर
तीर म हवय मुनगेसर।
बड़ सुग्घर हे हमर गांव
जेकर नाव हे कुटेसर।। 

गली गली म बने हवय धाम
गुरू घासी बाबा के जैतखाम।
दिन रात करथन सेवा काम
रग रग म बसे हे सतनाम।। 

कुकुर देव मंदिर के निरमान
इतिहास म हे येकर परमान।
छ:मसी रात म बने हे मंदिर
इंहा के देवता ल मोर परणाम।। 

पावन हवय देवराहा तालाब
पानी भरे रिथे हमेशा लबालब।
इंहा के खेत खार अऊ तरिया
नई परय कभु इंहा परिया।। 

आथे छब्बीस दिसंबर के दिन
अगोरा रहिथे दिन गिन गिन।
मनाथन हमन सुग्घर जयंती
तै ये दिन ल भुलाबे कभु झिन।। 

सत के पाठ पढे लईका सियान
अऊ मोर जहुरिया मितान।
सत के नाम ल आगु बढाना हे
सतनाम ल जम्मो कोती बगराना हे।। 

हमर बड़ सुग्घर हे गांव
चितावर दाई के पाँव।
'देव लहरी' हे मोर नाव
कुटेसर हरय मोर गांव।। 

रचना - देव हीरा लहरी 
कुटेसर चंदखुरी फार्म रायपुर 
संपर्क - 09770330338 
दिनांक - 03 जुलाई 2015

पत्र पत्रिका मे प्रकाशन 

1) छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका 
अंजोर (छत्तीसगढ़ी) रइपुर से
अंक जून जुलाई 2015