सोमवार, 6 जुलाई 2015

।। छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना ।।



।छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के देवव साथ।


हमर राज म बईरी मन लगाये हे घात। 
भगाय ले परही मारके ओला लात।। 
छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के देवव साथ। 
नई मानन ओकर मन के जात अऊ पात।। 

गरीब मन ल तड़पावत हवय दिन रात। 
हमरे उपजाये खावत हवय दार भात।। 
छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के देवव साथ। 
का हवय ये दोबला बईरी मन के अौंकात।। 

मोर छत्तीसगढ़ महतारी ल बेच खाही। 
बईरी मन नई जीयय जल्दी सिरा जाही।। 
छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के देवव साथ। 
मिट जाही भ्रष्टाचार नवा बिहनिया आही।। 

छत्तीसगढ़ महतारी के बनव तुमन रखवार। 
नई मानही त निकालव भाला अऊ तलवार।। 
छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के देवव साथ। 
देखा देबो हमर मन के एकजुटता अऊ प्यार।। 

✏ जय छत्तीसगढ़ 
छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना