शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2015

सरद पुन्नी अंजोरी रात अउ खीर लेख


सरद पुन्नी म अंजोरी रात अऊ खीर के महत्ता

सरद पूर्णिमा :-

हमर छत्तीसगढ़ म तिहार मनाय के अलगे मजा होथे जम्मो परब ल आस्था अऊ बिस्वास के संग मनाथन ओसने सरद पुन्नी ल मनाय के परंपरा हे नवरात अऊ दसेरा के बाद अश्विन मास म पुन्नी के दिन सरद पुन्नी ल मनाथन, पुन्नी के आगु दिन ले कातिक के महीना लग जथे उही दिन ले बिहनिया कातिक नहाय बर जाय के शुरू करथन, पुन्नी म लक्ष्मी माता के उपास रहिथन माने जाथे आजेच के दिन लक्ष्मी माता ह जन्म ले रहिस, बिहनिया नहा धो के सुग्घर कपड़ा लत्ता पहिर ओढ़ लक्ष्मी माता के पुजा के संगे संग उपास शुरू करथन, संझा बेरा ले पंडाल म गाना बजाना होथे हमर संस्कृति के पहचान लोकगीत सुवा ददरिया जसगीत भोजली हमर संगी मन सुग्घर ढंग ले करथे, रथिया अंजोरी रात म खीर बनाके रात भर खुल्ला रखके बिहनिया चार पांच बजे खाय के शुरू करथन। छत्तीसगढ़ के जम्मो डाहर सरद पुन्नी ल बड़ धुम धाम ले मनाय जाथे।

अंजोरी रथिया के महत्ता :-

पुन्नी के रथिया होईस तहन जम्मो डाहर जुगजुग ले अंजोर हो जथे दुरिहा ले मनखे आवत रथे तेन ह दिख जथे, पुन्नी के रथिया बिक्कट घुमे के मन होथे,जेती देखबे तेती मनभावन सुग्घर चंदा अऊ चंदैनी दिखथे, दु चार संगी संगवारी मन रेंगत आत हे तेकर आरो सुना जथे,सबो डाहर सांत अऊ सुंदर दिखन लागथे, पुन्नी के रथिया ल चमत्कारिक अऊ चिकित्सा ले देखे जाथे येला बैगयानिक मन घलो मानथे, रथिया चंदा के अंजोर म बहुत से शक्ति निचे भुईयां म गिरथे ये अंजोर ह हमर तन म पडथे त अब्बड अकन बिमारी दुरिहा भाग जथे, आयुर्वेद बिज्ञान ह कहिथे पुन्नी के रथिया ह बड़ अकन उर्जा देथे तेन किरन ह चंदा के अंजोर ले निकलथे,पुन्नी के रथिया कमती कपड़ा पहिर के घुमना चाही हमर तन ल फायदा करथे। माने जाथे रावण ह पुन्नी के रथिया आईना से अंजोर ल अपन बोड्डी म लावय वोकर ले ओकर ताकत अऊ बाढ़ जवय।

पुन्नी म खीर बनाय के परथा :-

सरद पुन्नी म खीर के बड़ महत्ता हे रथिया खीर बनाके बिहनिया खाय के परथा हवय येला लक्ष्मी माता के परसाद माने जाथे, रथिया संगी संगवारी मिलके तरिया पार म नहीं ते पंडाल बने हे तेन मेर इटा के चुल्हा बनाके खिर बनाथन खीर ल बनाय बर चाऊर दूध शक्कर गुड़ सोठ काली मिरचा इलायची नरियर ल बारिक काट के खीर म डार देथन, रथिया बारा बजे के बाद ओ खिर ल खुल्ला करके रखें जाथे काबर ओमा चंदा के अंजोर ह पहुंच सकय तहन बिहनिया चार पांच बजे ले खाय अऊ बाटे के शुरू करथन ओ खीर ल खाय से बहुत फायदा हे हमर तन ल रथिया में चंदा से निकले अंजोर म बड़ ताकत मिलथे ओ अंजोर खीर म आके समा जाथे, जेन मनखे ल खांसी के बिमारी हे तेन ल बड़ फायदा करथे अऊ बहुत से बिमारी ल दूरिहा रखथे पुन्नी के खीर अमरित रथे जम्मो झन ल खाना चाही।

चलव संगी चलव मितान तरिया तीर
पुन्नी के रथिया बनाबो सुग्घर खीर

लेखक - देव हीरा लहरी
चंदखुरी फार्म रायपुर
मोबा. 9770330338

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