शुक्रवार, 20 नवंबर 2015

लोक परब जेठउनी तिहार


लोक परब जेठउनी तिहार
▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪
छत्तीसगढ़ के लोक संसकृति म रचे बसे लोक परब "जेठउनी" ल पुरा परदेस म बड़ सुग्घर ढंग ले मनाय जाथे, कातिक महिना के अंजोरी पाख म एकादसी के दिन जेठउनी तिहार ल मनाथन, देवारी तिहार मनाय के गियारा दिन बाद जेठउनी तिहार ल मनाथे, ये तिहार ल तुलसी बिहाव के नाव ले घलो जाने जाथे जेठउनी तिहार ल देवउठनी एकादसी तिहार तको कहिथे, कहीं कहीं जेठउनी तिहार ल छोटे देवारी तको कहे जाथे। हमर गवई गांव म जेठउनी नाव ह जम्मो झन के जुबान म रहिथे लईका सियान जवान इहीच नाव ले जानथे। आज के दिन गन्ना खुसियार के बहुत महत्ता रथे अऊ लईका लोगन मन गन्ना तिहार घलो कहिथे। आज घर दुवार ल साफ सुथरा करके लिप पोत के सुग्घर अंगना म रंगोली बनाथन, दिनभर उपास रहिके संझा कुन हाथ गोड़ ल सुग्घर धो धुवा के अंगना दुवारी खोरपार बियारा म माटी के दिया जलाथन, रथिया कुन चार ठक गन्ना ल अंगना म लगा के निचे म तुलसी मईया के मुर्ति ल रख के पुजा करथन, गन्ना के गोल घुम के चक्कर लगा के हसिया म काट देथन। लईका मन फटाका फोड़थे राऊत भईया मन घर घर जाके गाय ल मंजूर पांख के सोहई बाँधके दोहा पारथे अऊ असिस देके जाथे बड़ा मजा आथे।

तुलसी के पउधा :- 
तुलसी के पउधा हमर जिनगी म धारमिक रूप ले अधातमिक रूप ले बहुत महत्व रखथे, जेकर घर म तुलसी के पउधा रहिथे ओखर घर भगवान ह वास करथे घर म सुख शांति उन्नति होथे मनखे मन सुवस्थ अऊ खुश रहिथे। तुलसी के पउधा ल बैगयानिक मन चमत्कारिक पउधा माने गे हे, आयुर्वेद बिज्ञान ह कहिथे तुलसी के पत्ता ले बहुत से बिमारी दुरिहा भाग जथे येकर से दवई गोली बनाय जाथे पत्ता ल पीस के पिलाय ले भी बहुत से बिमारी भाग जथे, कोनो भी मनखे तुलसी के पत्ता ल रोज बिहिनिया दु तीन पत्ता खाहीं त ओहा कभु बिमार नई परय।
हमर गवई गांव म घरों घर अंगना म तुलसी के चउरा पाबे, रोज नहा धो के लोटा म पानी रख के चढ़ाथन अऊ पुजा करथन, हा फेर एक बात हे हमर सियान मन कहिथे इतवार के तुलसी पउधा ल नई छुना चाही पत्ता ल घलो नई तोड़ना चाही। घर म सतनारायण के कथा होथे तेमा परसाद अऊ खिर बनथे तेमा तुलसी के पत्ता ल डालथन।

उपास के महत्ता :-
वईसे तो छत्तीसगढ़ म सबो बरत उपास ल पुरा बिधि बिधान सरद्धधा अऊ बिस्वास से रखे जाथे ओसने जेठउनी मे उपास ल घलो रखथन, ये उपाय ल रहे के बड़ महत्व हे वईसे तो जम्मो झन रह सकथे लईका जवान सियान नोनी बहिनी मन फेर हमर बहिनी मन बर बने रहिथे जेन नोनी मन के बाढे उमर म तको बिहाव नई माढहत रथे देखे बर सगा नई आय तेन मन ल जेठउनी के उपास रहना चाही, बिहाव म कुछू बाधा हे सब दूर हो जथे, ओ बहिनी मन पुरा सरद्धा के संग बिधि बिधान से उपास रहिना चाही, बिहनिया ले सुग्घर नहा धो नवा कपड़ा लत्ता पहिर ओढ़ के संझा कुन तुलसी बिहाव ल बने ढंग ले करना चाही अऊ पुजा करे के समय मंडप बने हे तेकर 108 बार चक्कर लगाना चाही येकर से तुलसी मईया के किरपा मिलथे सुग्घर फल मिलथे।

देव उठनी :-
जेठउनी तिहार ल ही देव उठनी के नाव से जाने जाथे देव उठनी येकर सेती कहिथे कि इही दिन देवी देवता गाव के कुल देवी देवता मन उठथे, माने जाथे आषाढ शुक्ल पक्ष के एकादसी म भगवान बिषणु ह चार महिना बर बिसराम करे खातिर छिर सागर समुदर म जाथे अऊ ओ दिन के बाद कातिक महिना के अंजोरी पाख म एकादसी के दिन उठथे, देबी देवता के जागे ले कोनो भी काम करे में बाधा नई होवय, सबो काम बने बने होथे देव उठनी में देबी देवता के पुजा करे ले जम्मो देवता ह मान जथे अऊ हमर परवार ल सुख शांति रखथे।

तुलसी बिहाव :-
जेठउनी के दिन ही तुलसी मईया के बिहाव होथे कातिक के महीना म तुलसी बिहाव के बहुत महत्ता हे, अऊ तुलसी बिहाव करे से सिधा भगवान तक पहुंचना होथे।
भगवान बिषणु के अवतार म सालिगराम ह तुलसी मईया से सुग्घर बिहाव करथे, मंडप मडवा सजथे घर दुवार साफ सफई करथन पडवा घड़ाय बर गन्ना लाके बिच अंगना म लगा देथन, रथिया कुन बिहाव के तियारी शुरू करथन दु ठन कुरसी लगा के तुलसी मईया अऊ भगवान सालिगराम ल बिठा के पुजा पाठ करके गन्ना ल काटे से पहली ओकर गोल घुम के चक्कर लगाथन, तहन गन्ना ल काट देथन गन्ना अऊ फल के परसाद बना के परोसी मन में बाटथन।
जेठउनी के दिन वे शादी बिहाव के पुछ परख बाढ़ जाथे गांव गांव लड़की देखेबर निकल जथे, कोनो बहु खोजे बर कोनो दमांद खोजे बर निकल जथे
आजे ले बिहाव करईया मन घलो करे के शुरू कर देथे।
▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪
      
           "जेठउनी तिहार"

"सोहई मा साजबो गऊ दाई ला
  छितका घलो ल हमन जलाबो
   तुलसी माईया के  बिहाव ला
          बिरवा मा सुग्घर रचाबो
    राऊत के गुदुम दफड़ा बाजे
       संगी नाचबो अऊ नचाबो
   छोटकी देवारी जेठ ऊनी ला
      जूरमिल सब चलव मनाबो"
▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪
लेख - देव हीरा लहरी
चंदखुरी फार्म रायपुर
मोबा. - 9770330338

फोटो - नवा बिहान से 
"लेख सर्वाधिक सुरक्षित हवय 
कापी पेस्ट करना कानूनन अपराध हे।