सोमवार, 28 मार्च 2016

होली हुड़दंग चंदखुरी फार्म - 2016

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होली हुड़दंग चंदखुरी - 2016
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अजीत राजेश तेजा दुष्यंत अऊ मै
निकलेन जब गली म लेके गुलाल 
नोनी बाबू लईका संग महतारी 
संगी संगवारी मन होगे लाले लाल 

          मोर चंदा अऊ ओकर सबो सहेली 
          एक कोती निकले रहाय ओकर टोली
          केरवछ चिखला माटी म रंगा दिस 
          अईसन खेलिस सब मिलके होली

अब आईस मोर भऊजी के बारी 
ओकर होली म अंगना चोरोबोरो
हमन ल देखिस तहन पकड़ लिस 
कहिस येमन ल डबरा म बोरोबोरो

          मिली पिहू चिकू के रंग बिरंगी होली 
          खेलत रहिन जम्मो धर के पिचकारी 
          लहरी परिवार डाहर ले सुभकामना 
          सबके अंगना म चहकय किलकारी 

होली के बाद रंगे रंग दिखे घर दुवार 
हाथ गोड़ के छुटे नई हे रंग पिवरा 
चालू होगे हे लईका लोग के खोजई 
अब होही नोनी बाबू के हाथ पिवरा 

          जईसे मनाय हवन एसो के होली 
          येसनेच मनावत रहान हरेक साल 
          हसी खुसी मया दुलार जुरमिल के 
          जिनगी म उड़त रहाय रंग गुलाल 
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रचना - देव हीरा लहरी 
चंदखुरी फार्म मंदिर हसौद 
रायपुर छत्तीसगढ़
मोबा - 09770330338 
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दैनिक अखबार किरण दूत रायगढ़ से 
प्रकाशित मोर छत्तीसगढ़ी होली के 
बाद वाला कविता, होली हुड़दंग - 2016 
संपादक भईया ल बहुत बहुत धन्यवाद आभार। 
प्रकाशन तिथि - सोमवार 28 मार्च 2016 
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