रविवार, 28 अगस्त 2016

टिपिर टिपिर बरसे पानी

टिपिर टिपिर बरसे पानी

पाना-पाना डारा-डारा
झुमय नाचे पारा-पारा
नेवता हवे झारा-झारा
खेले आहु हमर पारा
गाना गावय चंदा रानी।
टिपिर-टिपिर बरसे पानी।।

      हरियर-हरियर सबो कोती
      ऐती ओती चारो कोती
      पानी दिखे जइसे मोती
      चुहे लागे हे ओरवाती
      गढ़हत हवय नवा कहानी।
      टिपिर-टिपिर बरसे पानी।।

गली-गली खोर-खोर
फुल फुलय चारो ओर
मगन होके नाचय मोर
मछरी चढ़हय कोरे कोर
घानी मानी घोर घोरानी।
टिपिर-टिपिर बरसे पानी।।

      सहर-सहर गाँव-गाँव
      चिखला माते पांवे पांव
      कऊंवा करय काँव-काँव
      बर पीपर के छाँव-छाँव
      कुहके कारी कोयली रानी।
      टिपिर-टिपिर बरसे पानी।।

रचना - देव हीरा लहरी
चंदखुरी फार्म मंदिर हसौद
जिला - रईपुर छत्तीसगढ़
संपर्क :- 09770330338


पत्र पत्रिका मे प्रकाशन 

1) स्थानीय साप्ताहिक समाचार 
पत्र छत्तीसगढ़ शब्द महासमुंद 
अंक अगस्त 2016

2) राष्ट्रीय दैनिक अखबार 
पायनियर रायपुर संस्करण 
बुधवार 03 अगस्त 2016


सुराजी श्री अनंतराम बर्छिहा जयंती 2016

नेवता पाती... जयंती समारोह...
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सुराजी श्री अनंतराम बर्छिहा जयंती समारोह
दिनांक - सोमवार 29 अगस्त 2016
स्थान - अनंतराम बर्छिहा शासकीय
हाईस्कूल चंदखुरी फार्म रायपुर
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सत मारग म कदम बढ़ाके
देश-धरम बर करीन हे काम।
वीर सुराजी हमर गरब आय
नाव जेकर हे श्री अनंतराम।।
       ---कवि - सुशील भोले
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माता कौशल्या जन्मभूमि चंदखुरी मे जन्मे अंचल के प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री अनंतराम बर्छिहा जी की 126 वीं जयंती 28 अगस्त रविवार को है। इस अवसर पर जयंती समारोह 29 अगस्त सोमवार को दोपहर 12 बजे से अनंतराम बर्छिहा शासकीय हाईस्कूल चंदखुरी फार्म मे रखा गया है, इस दौरान विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा। बर्छिहा जी के जीवन संघर्ष और आंदोलन के बारे मे प्रकाश डालेंगे समारोह मे पधारे मुख्य अतिथि श्री बिसाहूराम वर्मा (मुनगी वाले) श्री भागवत प्रसाद वर्मा जी, श्री शोभाराम यादव जी, कार्यक्रम मे स्कूली बच्चे प्राचार्य शिक्षक शिक्षिकाए और ग्रामीण भारी संख्या मे उपस्थित रहेंगे। बर्छिहा जी के आंदोलन सन् 1923 को नागपुर मे झंडा सत्याग्रह से शुरू हुआ इस आंदोलन मे अहम् भूमिका निभाई थी उसी प्रकार सन् 1930 मे आंदोलन का केन्द्र बना "चंदखुरी" के नाम को पुरा देश जानने लगा, बर्छिहा जी के अगुवाई मे चंदखुरी के लोग असहयोग आंदोलन मे शामिल हुए। इसके अलावा समाज सेवा मे भी कार्य किये है विदेशी वस्तुओं को आग के हवाले किये गाँव गाँव जाके छुआछुत जातपात दहेज विरोधी के लिए लोगों को जागरूक किये।।
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संयोजक - वीर सेनानी जयंती समारोह 
श्री अरूण बर्छिहा टिकरापारा रायपुर।

मीडिया कवरेज 
1) राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र 
नईदुनिया रायपुर संस्करण 
शनिवार 27 अगस्त 2016

2) राष्ट्रीय दैनिक अखबार 
दबंग दुनिया रायपुर संस्करण 
शनिवार 27 अगस्त 2016

3) राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र 
पायनियर रायपुर से प्रकाशित 
शनिवार 27 अगस्त 2016



शिक्षा के मंदिर मे राजनीति

शिक्षा के मंदिर मे राजनीति : छात्र संघ चुनाव

छत्तीसगढ़ में छात्र संघ चुनाव का दौर चल रहा है, चुनावी माहौल सभी महाविद्यालय विश्वविद्यालय मे गरमाया है चुनाव प्रचार मे अपना पुरा समय लगा रहे है। कही विरोधी को चमका रहे तो कही जान से मारने की धमकी दे रहे चुनाव के आड़ मे गुंडागर्दी हो रहा है, क्या शिक्षा के मंदिर मे राजनीति को घुसाना सही है छात्र संघ चुनाव आज राजनीतिक पार्टियों का दाँव बन गया, युवाओ को अपनी ओर आकर्षित करने और समर्थक बनाने ये चुनावी खेल खेल रहे है इससे उनको भारी संख्या मे वोट और समर्थन मिल जायेंगे। पर जो इस दौरान बाकी विद्यार्थी जो परेशान हो रहे उसे अच्छे शिक्षा का माहौल नही मिल रहा जबर्दस्ती चुनाव कार्य मे घसिटा जाता है इसके बारे मे भी सोचना चाही। युवा देश की भविष्य है और इनको राजनीति के गंदे किचड़ मे ले जाया जा रहा, संस्कार आचरण सदाचार आदर ऐसे बहुत से शब्द हम शिक्षा के मंदिर मे ग्रहण करते है। आज हमे हर एक युवा को शिक्षा के जरिए से सशक्त आत्मनिर्भर देश को आगे बढ़ाने का नेतृत्व के साथ साथ एक संस्कारी कर्तव्यवान निष्ठावान समाजसेवी बनाना है, हमे छात्र जीवन को राजनीति से अलग रखना चाही। इस विषय मे शासन प्रशासन को विचार करके नये कदम उठाना चाही ताकि छात्र अपने छात्र जीवन मे स्वतंत्र होकर शिक्षा के जरिए से अपना और देश प्रदेश का सुनहरा भविष्य बनाये।

देव हीरा लहरी
चंदखुरी फार्म रायपुर
(स्वतंत्र लेखक)

पत्र पत्रिका मे प्रकाशन 
1) राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र 
पायनियर रायपुर संस्करण 
शुक्रवार 26 अगस्त 2016

तीजा पोरा आवत हे

तीजा पोरा आवत हे

बहिनी अपन भईया ल सोरियावत हे
कपड़ा लत्ता ल झोला म ओरीयावत हे।
नोनी जातो देखतो तोर ममा आवत हे
अईसे लागथे अब तीजा पोरा आवत हे।।

सावन के महीना ह अब भागत हे
तिजहारिन लाय बर भईया जावत हे।
दीदी बहिनी मन मने मन मुस्कावत हे
अईसे लागथे अब तीजा पोरा आवत हे।।

परोसी तीर मईके के गोठ गोठियावत हे
माई मईके के सोर सुरता ल गोहरावत हे।
ओकर संग सहेली मन के सुरता आवत हे
अईसे लागथे अब तीजा पोरा आवत हे।।

बरेंडी म सोन चिरईया ह नरियावत हे
दाई ददा के सुरता म दिन नई पहावत हे।
घेरी बेरी उहीच काम ल दोहरावत हे
अईसे लागथे अब तीजा पोरा आवत हे।।

ममा ल देख भांची ह खिलखिलावत हे
छोटे भांचा गाड़ी म जगा पोगरावत हे।
भाटो ह जल्दी आबे कहिके चेतावत हे
अईसे लागथे अब तीजा पोरा आवत हे।।

रचना - देव हीरा लहरी
चंदखुरी फार्म रायपुर 
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पत्र पत्रिका मे प्रकाशन 

1) राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र 
पायनियर रायपुर संस्करण 
मंगलवार 23 अगस्त 2016

2) राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र 
देशबंधु छत्तीसगढ़ संस्करण 
रविवार 28 अगस्त 2016